एक बीता हुआ पल

मैं राह से गुज़री
की वो लम्हा मुझसे गुजर गया ?!
मैंने कहा -रुको ! तो वो
किसी बूंद सा ठहर गया।।

वो वक़्त इतना खास था
था मस्तियों का कारवां ।
बस याद आने भर से ही
अश्कों का प्याला भर गया ।

मैंने कहा -रुको ! तो वो
किसी बूंद सा ठहर गया।।

ज़ाया किया था उम्र का
एक सुनहरा पल यहां।
सिलवटों से हैं भरे,
हैं तो सही उसके निशां।

मैं लौटना चाहूँ भी तो
हर राह अब सुनसान है
सब कोशिशें ज़ाया हुईं
और वो खुदा मुकर गया ।

मैंने कहा -रुको ! तो वो
किसी बूंद सा ठहर गया।।

©इला रानी।
©Ila Rani. All Rights Reserved.

क्षितिज के पार -2

वनफूल सघन अरण्य की हूँ मैं
तुम उपवन का श्रृंगार !
किस भांति एक पथ पे चलें
दो इतने भिन्न विचार ।
अपना-अपना संसार।

©इला रानी।
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दोहा

किस्सागो सी जिंदगी
मुसाफिरी का काम।
शब से सहर तक फिर क्यों ना
जी को ज़रा आराम ?

©इला रानी।
©Ila Rani. All Rights Reserved.

दोहा

हरी- हरी सब घास पे
बरसै बूंद हजार,
घिसलो साबुन ना धुले
मानुस का व्यवहार ।।

©इला रानी।
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आधा किस्सा

हिज्र की चादर तले
अरमान रो रहे हैं
और तुम्हें गुमान कितना
दरियादिली का है।
यह एक किस्सा है,
बस आधा हिस्सा है।

©इला रानी
©Ila Rani. All Rights Reserved.

दुर्बाध पथ

विकल गान और रुदन
हा ! मेरी स्मृतियों के खंड हुए।
पूछ रही चेतना विलाप कर
यह पथ इतना दुर्बाध है क्यों ?

कोष्ठक में सिमटा
पूर्ण विराम देखकर स्तब्ध खड़ा ।
आशाओं के पंछी तेरा
लक्ष्य इतना दुस्साध है क्यों ?

पूछ रही चेतना विलाप कर
यह पथ इतना दुर्बाध है क्यों ?

शंकाओं के बादल
व्योम का सूर्य कर रहे अस्त यहां।
ओह चंचल यह मति भ्रमित
हर क्षण कैसा आघात सहे ?

यत्न सभी सुदृढ़ करने के
अब विघटन को प्राप्त हुए ।
उत्छृंकल ओ हृदय मेरे !
उसे तेरा अधिगम निर्बाध है क्यों ?

पूछ रही चेतना विलाप कर
यह पथ इतना दुर्बाध है क्यों ?

-इला रानी

©इला रानी।

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Bits and pieces

Subtle hints of love
And the husky ecstatic tone
Sapphires of your eyes
Puttin’ shine to my own.

A castle of shared dreams
Standing high and tall
Pillars of strong beliefs
Made sure it won’t ever fall .

Singing through the dusk
Dancing through the dawn
Slightest traces of sorrow
Hadn’t been ever found.

It’s hard to contemplate
That a war is raging on
A sudden gush of wind
And all our hopes are blown.

Centuries of merry living
Galaxies and stars and moon
I open up my eyes
They are all lost, so soon.

©Ila Rani

©Ila Rani . All Rights Reserved.